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Friday, August 5, 2011

(89) उनके सपने उड़ान भरने दो

छोड़कर उंगलियाँ चलाओ उन्हें 
खुद उन्हें अगला पाँव धरने दो .
जवानी उफनती नदी सी है  ,
राह खुद ही तलाश करने दो  /

सोच सकते हैं वे , गलत क्या है ,
और क्यों, कब , कहाँ सही क्या है .
उनके सपनों के पंख उगने दो ,
उनके सपने उड़ान भरने दो  /

हटा दो  पत्थरों को राहों से ,
तुम से मुमकिन हो तो करो इतना .
ठोकरें खुद उन्हें सबक देंगी  ,
उनको मंजिल तलाश करने दो  /

थामकर बांह चलोगे कब तक ,
अपने पैरों वे कब खड़े  होंगे  ?
लड़खड़ाएंगे फिर वे संभलेंगे ,
उन्हें खुद आप से सँवरने दो  /

कैद पिंजरों में मत करो उनको ,
खोल दो बंदिशें सभी उनकी  .
कितनी लम्बी उड़ान भरनी है,
फैसला खुद उन्हें ही करने दो  /

24 comments:

अनुपमा त्रिपाठी... said...

सुंदर उपदेश देती ..मार्ग दिखाती रचना ...
बधाई.

अनुपमा त्रिपाठी... said...

आपकी किसी पोस्ट की चर्चा नयी-पुराणी हलचल पर होगी.शनिवार (६-८-११)को.कृपया अवश्य पधारें...!!

Apanatva said...

aatm nirbhar banne ko prerit kartee rachana sunder sandesh sanjoe hai ...
Aabhar

वन्दना said...

सार्थक संदेश देती सुन्दर रचना।

सागर said...

prena deti rachna...

वीना said...

सही कहा है...
बहुत अच्छी...

S.N SHUKLA said...

अनुपमा जी,
सरिता अग्रवाल ( अपनत्व ) जी ,
वन्दना जी,
सागर जी,
वीणा जी
आप सब मित्रों/शुभचिंतकों का स्नेह और समर्थन मिला , बहुत आभारी हूँ तथा सदैव इसी स्नेह की अपेक्षा करता हूँ .

प्रवीण पाण्डेय said...

करने दो, मत कोसो।
उनको गगन परोसो।

अनामिका की सदायें ...... said...

ji han sahi kahte hain aap thoda hame apne bandhan dheele karne hi chaahiye.

ham bhi aajkal inhi socho ke daur se guzer rahe hain.

S.VIKRAM said...

सन्देश देती बेहतरीन रचना...धन्यवाद :)

S.VIKRAM said...

सन्देश देती बेहतरीन रचना...धन्यवाद :)

S.VIKRAM said...

सन्देश देती बेहतरीन रचना...धन्यवाद :)

आशा said...

बहुत गहरी सोच "उनके सपनों को उड़ान भरने दो"
उंगली पकड़ कर चलना तो सिखाया जा सकता है पर वास्तविक धरातल पर तो खुद ही प्रयत्न करने होंगे |
आशा

सतीश सक्सेना said...

बेहद खूबसूरत अभिव्यक्ति .....
और यह आवश्यक भी है ! हार्दिक शुभकमानाएं !!

यशवन्त माथुर (Yashwant Mathur) said...

बहुत बढ़िया सर ।

सादर

S.N SHUKLA said...

praveen pandey ji ,
Anamikaa ji,
S. Vikram ji





आप शुभचिंतकों की उत्साहवर्धक और सकारात्मक प्रतिक्रियाओं का बहुत - बहुत आभार, धन्यवाद

S.N SHUKLA said...

Aasha ji,
Satish Saxena ji,
Yashavant Mathur ji


आप सभी मित्रों द्वारा किये गए उत्साहवर्धन का आभार , धन्यवाद

सदा said...

वाह ...बहुत खूब कहा है आपने ।

Dorothy said...

सार्थक एवं प्रेरक प्रस्तुति. आभार.
सादर,
डोरोथी.

S.N SHUKLA said...

सदा जी,
Dorothy ji

आप शुभचिंतकों की सकारात्मक प्रतिक्रियाओं का आभार, धन्यवाद

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

हटा दो पत्थरों को राहों से ,तुम से मुमकिन हो तो करो इतना .ठोकरें खुद उन्हें सबक देंगी ,उनको मंजिल तलाश करने दो

बहुत सार्थक सन्देश देती अच्छी रचना .

S.N SHUKLA said...

संगीता जी
आपका समर्थन हमारा उत्साह दोगुना कर देता है , आभार आपका

संजय भास्कर said...

V Nice...True and thoughtful

S.N SHUKLA said...

sanjay bhasker ji

thanks for your appriciation and comment.