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Sunday, May 6, 2012

(152) कुत्ते ही कुत्ते हैं ?

कुत्ते  ही  कुत्ते  हैं ,  कुत्तों  में  कुत्ते  हैं ,
कुत्तों के पिछलग्गू ,  कुत्तों के कुत्ते हैं 
कुत्तों सा भौंकते हैं , काटते हैं , नोचते हैं 
कुत्तों के  साथ - साथ  घूम  रहे  कुत्ते हैं  /

बंगलों में कुत्ते हैं , जंगलों में कुत्ते हैं ,
गोदियों में कुत्ते हैं , बगलों में कुत्ते हैं ,
आदमी का बच्चा है आया के भरोसे पर ,
मालकिन की गोदी में दुलराते कुत्ते हैं /
अक्सर ये बच्चे ही , बड़े हो - समर्थ होकर ,
अपने माँ - बाप को समझते हैं , कुत्ते हैं /
कुत्ते ही कुत्ते हैं---------------------

गाड़ियों  में  कुत्ते   हैं , सोफों  में  कुत्ते  हैं ,
बिस्तर पर , मसनद पर , साड़ियों में कुत्ते है,
रोटी का निवाला जहां मुश्किल आम आदमी को ,
मिल्ककेक  , बिस्किट , मलाई खाते कुत्ते है ,
कुत्तों की जिन्दगी से आदमी गया - बीता ,
मखमली  बिछौनों  में  इठलाते  कुत्ते  हैं  /
कुत्ते ही कुत्ते हैं----------------------

कुत्ते बुलडाग जैसे , पिद्दी से , बौने से ,
शेर जैसे , भालुओं से , कुत्ते खिलौने से,
दमवाले , पुछकटे, कबरे से , झबरे से ,
बिना बाल वाले तो शेरनी के छौने से ,
आवारा , घुरचट्टे, किनहे से , घिनहे से ,
गाँव , गली , नगर- नगर मंडराते कुत्ते हैं /
कुत्ते ही कुत्ते हैं---------------------

कुत्तों की श्रेणियां हैं , गाँव , गली ,शहर वाले ,
हड्डियों पर लड़ते , कुछ गद्दियों पर लड़ते हैं ,
दूम  को हिलाते हैं , चूमते हैं पावों को ,
अपने दरवाजों पर भौंकते , अकड़ते हैं ,
कुत्ता है जानवर , यदि खाता तो निभाता भी है ,
लेकिन कुछ खाकर भी गुर्राते कुत्ते हैं  /
कुत्ते ही कुत्ते हैं--------------------

कोठियों के , बंगलों के मुख्यद्वार फाटक पर -
धनिकों का दूर से ही दीखता है स्वाभिमान ,
बड़े - बड़े हर्फों में , बड़े ही करीने से -
प्रायः लिखा रहता है " कुत्तों से सावधान "
ऐसे आवासों को देख क्या नहीं लगता -
जैसे इन भवनों में , आदमी नहीं , कुत्ते हैं ?
कुत्ते ही कुत्ते हैं---------------------

कहते हैं , बहन के घर भाई कुत्ता है ,
और ससुराल में जमाई , तो कुत्ता है ,
बड़ा वाला कुत्ता जो बेटी का खाय बाप ,
भाई का अंश मारे भाई , तो कुत्ता है ,
सोचो फिर , जो सारा देश नोच खा रहे हैं -
दुनिया में उनसे भी बड़े कोई कुत्ते है ?
कुत्ते ही कुत्ते हैं---------------------

                         - एस. एन . शुक्ल 



 

26 comments:

रविकर फैजाबादी said...

जबरदस्त प्रस्तुति ।

प्रेरित कर गई ।



कुत्ते चोरों से मिलें, पहरा देगा कौन ।

कुत्ते कुत्ते ही पले, कुत्तुब ऊंचा भौन ।



कुत्तुब ऊंचा भौन, बड़े षड्यंत्र रचाते ।

बढ़िया पाचन तंत्र, आज घी शुद्ध पचाते ।



मूतें दिल्ली मगन, उगे खुब कुक्कुर मुत्ते ।

भर दे दर्पण सदन, भौंक मर जइहैं कुत्ते ।


आपका लिंक यहाँ है -

dcgpthravikar.blogspot.com

Vaanbhatt said...

कुत्ते ही कुत्ते तो हैं...पर इनमें कुत्तों वाला बेसिक गुण भी नहीं है...वफादारी...धर्म-देश-समाज के प्रति...सिर्फ नोचना-खसोटना जानते हैं...

प्रवीण पाण्डेय said...

भरे पड़े हैं,
लड़े पड़े हैं।

Sushil said...

गजब के कुत्ते ले के आये हो
कुत्ते को छोड़ सबको कुत्ता बताये हो।

आहा आहा !!!

मनोज कुमार said...

ये कुत्ता पुराण बड़ा मारक क्षमता रखता है।

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

तीखा व्यंग .....

expression said...

अनोखी अभिव्यक्ति...और तीखा कटाक्ष.....

सादर.

lokendra singh rajput said...

जय हो... कुत्ता पुराण.
बहुत बढ़िया

Vaanbhatt said...

टिप्पणी सुबह ही डाल दी थी...स्पैम में तो नहीं पहुँच गयी...

रविकर फैजाबादी said...

होता चर्चा मंच है, हरदम नया अनोखा ।

पाठक-गन इब खाइए, रविकर चोखा-धोखा ।।

बुधवारीय चर्चा-मंच

charchamanch.blogspot.in

udaya veer singh said...

क्या बात है मित्र ! कुता पुराण, कितना नैशर्गिक,व शालीन .....विलक्षण है, सही है कुत्ते ही कुत्ते हैं / भाव पूर्ण रचना ..बधाईयाँ जी /

ZEAL said...

A bitter truth..

सतीश सक्सेना said...

कुत्ता लेख है यार ....
शुभकामनायें आपको !

Maheshwari kaneri said...

.बहुत सटीक और तीखा व्यंग.....बहुत सुन्दर..शुक्लाजी

Sunitamohan said...

vaah, rachna zabardast hai........kisi shreni ka kutta nahi chhoda aapne sabko bhiga-bhiga ke mara hai.

Sawai Singh Rajpurohit said...

बहुत खूब लिखा है इस रचना के लिए आभार


Active Life Blog

Surendra shukla" Bhramar"5 said...

प्रिय शुक्ल जी वाह वाह मन खुश हो गया ..सच में जो नोच कर देश को खा जा रहे उनसे बढ़कर कोई कुत्ते नहीं ..जबरदस्त व्यंग्य ..भ्रमर ५

प्रसन्न वदन चतुर्वेदी said...

बहुत सुन्दर प्रस्तुति...बहुत बहुत बधाई...

Prem said...

कुत्ते ही कुत्ते हैं| भारत और अधिकांश भारतीयों की दयनीय स्थिति देख आपकी कविता पूर्ण रूप से सटीक है| The country is indeed going to the dogs! The leaders have thrown the country to the dogs!

Devesh Jha said...

Kutte hi kutte hain... man ko chhoo gayi.... rhythm to aur bhi lajawb thi.. kya kureda hai aapne apne kalam se waah kutte hi kutte...

S.N SHUKLA said...

Ravikar ji,
Vanbhatt ji,
Pravin pandey ji,
आपके समर्थन का आभार.

S.N SHUKLA said...

Sushil ji,
Manoj kumar ji,
Sangita ji,

आपका समर्थन पाकर सार्थक हुयी रचना.

S.N SHUKLA said...

Lokendra singh ji,
UDAY VEER JI,
zeal ji,

स्नेह और समर्थन मिला , आभार

S.N SHUKLA said...

Satish saxena ji,
Maheshwari kaneri ji,
Sunita mohan ji ,

आभार आप मित्रों के स्नेह का .

S.N SHUKLA said...

Swami singh Rajpurohit ji,
Surendra shukla ji,
Prasanna vadan chaturvedi ji,

आभारी हूँ आपके स्नेह का .

S.N SHUKLA said...

Devesh jha ji,
आपके समर्थन का आभार.